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हमारे बारे में

योजनाएं बनती हैं दिल्ली और रायपुर में। पहुंचनी हैं आख़िरी घर तक

सशक्त समाज, समर्थ राष्ट्र

सार्थक भारत केवल एक वेबसाइट या मोबाइल ऐप नहीं है। यह देश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के उत्थान, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण को समर्पित एक अभियान है।

हमारा उद्देश्य आधुनिक तकनीक का उपयोग करके समाज के हर वर्ग को सशक्त और संगठित बनाना है। शुरुआत छत्तीसगढ़ से, और लक्ष्य पूरे भारत तक।

देश और राज्यों में लोक-कल्याण की अनेक योजनाएँ संचालित हैं, परंतु जागरूकता और सही मार्गदर्शन के अभाव में जरूरतमंद लोग इनके लाभ से वंचित रह जाते हैं। एक काग़ज़ छूट जाने या एक ख़ाना ग़लत भर जाने से महीनों की देरी हो जाती है।

नारंगी दुपट्टा पहने मुस्कुराते हुए एक वृद्ध व्यक्ति का चित्र

यही वह संकल्प है जिसके लिए यह संस्था कमाती है: सेवा से होने वाली आय स्वैच्छिक प्रकल्प तक पहुंचे, किसी की निजी संपत्ति तक नहीं।

हमारा विज़न और उद्देश्य

हमारा प्रयास चार स्तंभों पर टिका है

अंतिम छोर तक शासकीय योजनाएँ

सार्थक भारत सुलभ परामर्श, पात्रता जाँच, दस्तावेजीकरण और निरंतर ट्रैकिंग के माध्यम से इन योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुँचाने का सेतु है।

सार्थक जातीय संघ: संगठन की शक्ति

हमारा मानना है कि समाज का बिखराव ही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी है। सार्थक भारत के माध्यम से हम संपूर्ण जनता को 'सार्थक जातीय संघ' के बैनर तले जातिवार अनुशासित रूप से संगठित कर रहे हैं। यह संगठन आपसी मतभेदों को भुलाकर समाज में एकता और भाईचारे की नई मिसाल कायम करेगा।

अनुशासित राष्ट्र निर्माण

हमारा लक्ष्य हर नागरिक को देश की मुख्यधारा से जोड़ना है। सभी जातियों और वर्गों को सकारात्मक रूप से संगठित करके हम ऊर्जा को आपसी वैमनस्य से हटाकर सीधे राष्ट्र निर्माण के रचनात्मक कार्यों में लगाना चाहते हैं, ताकि एक शांत, समृद्ध और सुरक्षित भारत का निर्माण हो सके।

सार्थक भारत परिवार: सामाजिक सुरक्षा तंत्र

जातीय संघ की इसी संगठित शक्ति के बल पर हम 'सार्थक भारत परिवार' की नींव रख रहे हैं। इस विशाल परिवार का मुख्य संकल्प है: समाज के सबसे संवेदनशील हिस्सों, हमारे पूजनीय बुजुर्गों, दिव्यांग भाइयों-बहनों और आश्रयहीन विधवा माताओं की पूर्ण देखभाल एवं सेवा-सुश्रूषा, और उनके लिए स्वैच्छिक प्रकल्प का संचालन।

हमारा कार्य मॉडल

पारदर्शी टू-स्टेज मॉडल

संस्था को आत्मनिर्भर बनाने और सेवा कार्यों को निरंतर चलाने के लिए हम दो चरणों में काम करते हैं, और दोनों पहले से घोषित हैं।

प्रथम चरण

परामर्श एवं प्रक्रिया शुल्क

प्रत्येक चयनित योजना हेतु ₹20/- से ₹299/- शुल्क, आवेदन के समय देय। इसमें पात्रता जाँच से लेकर सरकारी पोर्टल पर सफल प्रविष्टि और कार्य पूरा होने तक की ट्रैकिंग सेवा सम्मिलित है। हर भुगतान की क्रमांकित रसीद तुरंत दी जाती है।

द्वितीय चरण

स्वैच्छिक योगदान

योजना का लाभ सीधे आपके बैंक खाते में या सामग्री के रूप में प्राप्त हो जाने के बाद, बेसहारा बुजुर्गों, दिव्यांगों एवं विधवाओं के स्वैच्छिक प्रकल्प हेतु आपके द्वारा दिया जाने वाला अंशदान पूरी तरह स्वैच्छिक होता है। न देने पर आपकी सेवा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

हमारा आधार

संगठन किसी एक व्यक्ति का नहीं, समुदाय का होना चाहिए

सार्थक भारत की शुरुआत एक साफ फर्क को सामने रखने के लिए हुई: असली सामुदायिक एकता, और वह नेतृत्व जो संगठन को निजी उद्यम में बदल देता है।

जिससे हम अलग हैं

अवसरवादी नेतृत्व: जहां सामुदायिक मंच धीरे-धीरे एक व्यक्ति या परिवार की निजी पूंजी बन जाता है, और सदस्यों की भागीदारी केवल नाम भर की रह जाती है।

जो हम बनाना चाहते हैं

पंजीकृत ढांचा, स्पष्ट रसीदें, तय अनुमोदन-प्रक्रिया और हर स्तर पर जवाबदेही, ताकि नेतृत्व सेवा बना रहे और संपत्ति न बने।

मोबाइल ऐप

सार्थक भारत ऐप डाउनलोड करें

आवेदन की स्थिति देखने, रसीद सुरक्षित रखने और अपने क्षेत्र के सार्थक पंचायत मित्र (SPM) या शहरी वार्ड मित्र (SWM) से जुड़ने के लिए ऐप का उपयोग करें। यह कमजोर इंटरनेट क्षेत्रों में भी काम करता है।

ऐप शीघ्र उपलब्ध होगा। तब तक सेवा हेतु नीचे दिए नंबर पर संपर्क करें।

आइए, सार्थक भारत ऐप के माध्यम से अपने अधिकारों को प्राप्त करें, समाज को संगठित करें और राष्ट्र निर्माण में अपनी आहुति दें।

सार्थक भारत: सशक्त समाज, समर्थ राष्ट्र।

अपनी पंचायत में सार्थक भारत की शुरुआत करें

चाहे आप सेवा लेना चाहते हों या सार्थक पंचायत मित्र (SPM) / शहरी वार्ड मित्र (SWM) बनना, पहली बातचीत एक फ़ोन कॉल से शुरू होती है।